26 May 2011

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RAJAT JOSHI samaliya

 HINDI                     


कोई भी काम एक दिन में नहीं सफल होता। काम एक पेड़ की तरह होता है। पहले उसकी आत्मा में एक बीज बोया जाता है, हिम्मत की खाद से उसे पोषित किया जाता है और मेहनत के पानी से उसे सींचा जाता है, तब जाकर सालों बाद वह फल देने के लायक होता है।                      
                                                                     



असफलता सफलता प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अपने मस्तिष्क को अपना रास्ता स्वयं खोजने की शक्ति दीजिये।

मेहनत कीजिये लेकिन बिना योजना के नहीं। एक-एक कदम उठाइए। जब एक कदम उठा चुके हों तब तैयारी करें।

आकांक्षा क्षणिक नहीं होती, न ही उन्मादी होती है।

आवेग कहता है,- रुको मत, चलते रहो। ढ्लो मत, निखरते रहो।

हर सुबह मैं अपनी आँखे खोलता हूँ उस भविष्य को सँवारने के लिए जो मेरे लिए खास है। हर रात मैं अपनी आँखे बंद कर लेता हूँ और देखता हूँ कि मेरा लक्ष्य थोड़ा और मेरे पास है।
                              

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